गौतम बुद्ध की तपोभूमि पूरे दिन तंदूर की भट्ठी सरीखे तपती रही। नई ऊंचाई पर पहुंचे तापमान ने 30 बरस पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 30 मई 1994 को 48.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया था। बुधवार को सूरज आग का गोला बना रहा और आसमान से जैसे आग बरसती रही। इस वजह से तापमान तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि 24 घंटे में मामूली गिरावट के साथ न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बृहस्पतिवार को भी लू चलने के आसार हैं।
बुधवार को तल्ख हुआ मौसम अपने ही रिकार्ड को तोड़ने में कामयाब रहा। सुबह से ही गर्म हवाओं संग चटक हुई धूप में तपी सड़कें दोपहर तक तवे की तरह दहकने लगीं। लोगों को न घर में चैन था, न ही बाहर। धूप त्वचा झुलसा रही थी और लू से हलक सूख रहा था। बहुत जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले, जो निकले वे थोड़ी ही देर में छांव तलाशने लगे। मुंह और सिर पर गमछा, टोपी लगाने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही थी।
48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण मंगलवार को ही जिला इस लाइन के करीब पहुंच गया था। 24 घंटे बाद तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तो अधिकतम तापमान का यह रिकार्ड ध्वस्त हो गया। सुबह से ही चिलचिलाती धूप पड़ने लगी। इस वजह से दिन में 11 बजे ही तापमान 37 डिग्री के निकट डोलने लगा। तपिश बढ़ी तो दोपहर 12 बजे तक इसने पारे ने 42 डिग्री का आंकड़ा पार कर लिया।
दोपहर एक बजते-बजते गर्मी का रिकार्ड तोड़ने वाला मौसम बन गया। सड़कों पर ऐसा सन्नाटा था, जैसे कर्फ्यू लगा हो। तंदूर की भट्ठी से निकलने वाली आग की लपटों की तरह गर्म हवा चलती रही। सड़कें गर्म तवे की तरह तपती रहीं। दोपहर की कौन कहे, लू ने शाम पांच बजे तक लोगों को निकलने नहीं दिया। रात में भी गर्म हवाएं और तपिश परेशानी का कारण बनी हीं। हालांकि, देर शाम मौसम कुछ बदला। तेज हवा संग बादल आए। कहीं-कहीं छींटे, बौछारें पड़ीं, जिसने गर्मी को असहनीय बना दिया। मामूली बूंदाबांदी करके बार-बार रंग बदलते बादल हवाएं संग आगे बढ़ गए।
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हांफ रहे घरों में कूलर, वाहनों में एसी
मंझनपुर के गांधी नगर निवासी संजय सिंह बताते हैं कि कूलर के सामने भी गर्मी सुकून से बैठने नहीं दे रही है। पसीना रुकने का नाम नहीं लेता। ऐसी गर्मी पहले नहीं देखी। सिराथू रोड निवासी अजीत केसरवानी ने बताया कि निजी कार से लखनऊ गया था। गर्मी नहीं, जैसे आग बरस रही थी, कार का एसी भी राहत दिलाने में नाकाम रहा। पूरे सफर में चार से पांच जगह रुकना पड़ा। साफ है कि गर्मी से घरों के कूलर और वाहनों के एसी हांफ रहे थे।
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पूरे हफ्ते तपाएगा नौतपा
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह का कहना है कि गर्मी को बढ़ाने वाले नौतपा के अभी चार दिन यानि इस पूरे हफ्ते तपाएगा। इसलिए लोगों को थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बृहस्पतिवार को भी लू परेशानी का कारण बनेगी। इसके बाद शनिवार से मौसम में कुछ तब्दीली आ सकती है। बादल छाएंगे, जिसके चलते धूप से कुछ राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन उमस सताने वाली हो सकती है।