नगर पालिका स्थित आलमचंद गांव में पूर्व प्रधान मनोज कुमार की मौत के बाद बुधवार को अंतिम संस्कार के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। शव गांव पहुंचते ही समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में समर्थकों ने हंगामा, नारेबाजी और हाईवे जाम करने की कोशिश की।
बुधवार शाम करीब 5:10 बजे जैसे ही शव गांव पहुंचा, समर्थकों का गुस्सा और बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग बाइक और चार पहिया वाहनों से गांव पहुंचने लगे। मौके पर पहले से ही सीओ चायल अभिषेक सिंह, सीओ सिराथू सतेंद्र तिवारी, एसडीएम चायल अरुण कुमार भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ मौजूद थे।
हाईवे जाम की कोशिश, पुलिस ने संभाला मोर्चा
समर्थकों ने प्रयागराज-कानपुर हाईवे के इमामगंज चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के चलते वे सफल नहीं हो सके। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुईं। करीब आधे घंटे तक हंगामा, तनातनी और खींचतान चलती रही।
अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं और नामजद आरोपियों में से एक को हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद परिजनों ने 6.11 बजे गांव में स्थित खेत में अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं, घर पर शव आने की सूचना पर जिले के क्षेत्रीय नेताओं का भी तांता लगा गया। इस दौरान चायल विधायक पूजा पाल भी पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सात्वाना दीं।
घटना क्रम
सोमवार की सुबह 6 बजे गोली मारी गई।
6.30 बजे सीएचसी आलमचंद पहुंचे।
7.30 बजे एसआरएन प्रयागराज पहुंचे।
मंगवार की दोपहर 12 बजे लगभग इलाज के दौरान मौत हुई।
मंगलवार की शाम 6.20 बजे से 6.50 तक प्रयागराज कानपुर हाईवे के इमामगंज चौराहा में परिजनों ने लगाया जाम।
बुधवार की शाम 5.10 बजे शव पहुंचा ।
5.25 बजे सीओ सिराथू, एसडीएम समझाने पर माने ।
5.37 बजे तिराहे पर शव रखकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू हुआ ।
6.11 बजे आलमचंद गांव में स्थित खेत में हुआ अंतिम संस्कार
मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों की पहचान के लिए अब तक करीब 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा चुका। लगातार अलग-अलग जगहों पर छापा मारा जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -अभिषेक सिंह, सीओ चायल