The fraudster who cheated a friend of 60 lakhs is absconding
सैनी क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी जगदीश कुमार के एचडीएफसी खाते से 60 लाख रुपये नेट बैकिंग के जरिए पार करने वाला दगाबाज दोस्त खुलासा होते ही अपना फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गया। पीड़ित उसके घर पहुंचा तो दरवाजे पर ताला लटकता देख मायूस होकर लौट आया। वह इंसाफ के लिए दर-दर-भटक रहा है।
सैनी के सुभाष नगर निवासी जगदीश कुमार पुत्र राम प्रसाद का कहना है कि उसने जमीन विक्रय कर 60 लाख रुपये एकत्र किया था। दो साल पूर्व यह पैसा उसने सैनी बैंक में जमा कर रखा था। कोखराज कोतवाली के गेरसा निवासी उसके करीबी दोस्त ने समझाया कि पैसा एचडीएफसी सिराथू में जमा कर दो। वहां से लेनदेन करने में आसानी होगी।
वह उसके साथ सिराथू शाखा जाकर वर्ष 2018 में नया खाता भी बैंककर्मी रोहित त्रिपाठी की मदद से खुलवाया। उसने एचडीएएफसी के खाते में 60 लाख रुपये जमा कर दिया। जगदीश का कहना है कि उसके घर कई बार बैंककर्मी रोहित त्रिपाठी भी आकर फिक्स करने पर अच्छा ब्याज मिलने का प्रस्ताव रखा।
इस दौरान विश्वासपात्र दोस्त उससे आए दिन की पैड वाला फोन मांगकर ले जाया करता था। उसने कभी एड्रांयड फोन का इस्तेमाल नहीं किया। आरोप है कि दोस्त और बैंककर्मी ने साजिश कर बिना जानकारी के उसके खाते में नेट बैंकिंग सुविधा हासिल कर ली। दगाबाज दोस्त ने दो साल में 60 लाख रुपये अपने और अपनी पत्नी के खाते में धीरे-धीरे कर ट्रांसफर कर लिए। दोस्त ने उसे ब्याज के नाम पर क्रमश: 24 और 29 हजार रुपये दिया।
वह 11 नवंबर को अपनी पासबुक अपटेड कराने बैंक गया तो खाता से पैसा गायब देख पैरों तले जमीन खिसक गई। बताया कि खाते में महज 17,234 रुपये ही शेष बचे हैं। खाते से पैसा उड़ाए जाने की बात पता चलने के बाद से जगदीश की तबीयत खराब हो गई है। वह इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है।
इस बाबत एचडीएफसी सिराथू के शाखा प्रबंधक शशांक का कहना है कि खाते से पैसा निकल जाने से बैंक का कोई सरोकार नहीं है। नेट बेंकिंग ग्राहक स्वयं करता है। ऐसे में किसी पर आरोप कैसे लगाया जा सकता है। उधर, सैनी कोतवाल पीके सिंह का कहना है कि जब तक दूसरा पक्ष सामने नहीं आ जाता है। दो साल से खाते में 60 लाख रुपये निकल गया। खातेदार को पता नहीं चला। यह जांच का विषय है।