ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है। सोमवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में तब दिखाई देगा जब यह मोक्ष काल यानी समाप्ति की ओर होगा। चंद्र ग्रहण से लगभग नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जो मोक्ष काल के बाद समाप्त होता है।
काशी विश्वनाथ हृषीकेश पंचांग के अनुसार, तीन मार्च को चंद्रग्रहण लगेगा। खग्रास चंद्र ग्रहण भारत में ग्रस्तोदित खंड चंद्रग्रहण के रूप में दिखेगा। यह ग्रहण 3:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे तक लगेगा। भारत में ग्रहण चंद्रोदय के साथ शाम 6:14 मिनट से शुरू होगा और 6:47 बजे पर समाप्त होगा। पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, यानि सोमवार सुबह 9:20 बजे से सूतक लगेगा।
सूतक काल में क्या करना चाहिए
सूतक काल के शुरू होने से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्तों को डाल देना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भोजन में तुलसी पत्ता डालने से चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव भोजन पर नहीं पड़ता। ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देव या चंद्र के मंत्रों का जप करें। भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें। ग्रहण के खत्म होने पर घर में गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। देसी घी का दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें।
ग्रहणफल
राशि फल
मेष चिन्ता
वृष व्यथा
मिथुन श्री
कर्क क्षति
सिंह घात
कन्या हानि
तुला लाभ
वृश्चिक सुख
धनु माननाश
मकर मृत्युतुल्य कष्ट
कुम्भ स्त्री पीड़ा
मीन सौख्य