जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर के खिलाफ सदस्यों ने एक बार फिर बागी तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को सिराथू इलाके के एक ढाबे पर बाटी-चोखा पार्टी के बहाने जुटे तकरीबन 20 सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ गोपनीय बैठक कर रणनीति बनाई। शनिवार को प्रस्तावित दिशा की बैठक में इसकी बानगी भी देखने को मिल सकती है। अधिकतर सदस्य बैठक से दूरी बनाकर विरोध का बिगुल बजा सकते हैं।
26 सदस्यीय मिनी सदन के अधिकतर सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर की कार्यशैली से नाराज हैं। सालभर पहले सदस्यों ने इसे लेकर नाराजगी भी जाहिर की थी। उस वक्त सांसद विनोद सोनकर ने दखल देकर मामला शांत करा दिया था। नतीजतन अध्यक्ष की कुर्सी बच गई। वक्त गुजरने के बाद भी अध्यक्ष ने अपनी कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया।
दूसरी तरफ पिछली बार के खेवनहार सांसद भी बदले सियासी समीकरण के तहत अध्यक्ष असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। ऐसे में मौके की नजाकत को भांपते हुए नाराज सदस्यों ने फिर से गोलबंदी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो बुधवार को सिराथू इलाके के एक सदस्य ने ढाबे पर बाटी-चोखा की पार्टी आयोजित कर इसको हवा दे दी है। बैठक में दो पूर्व विधायकों के साथ ही 26 सदस्यीय सदन के तकरीबन 20 सदस्य एकजुट हुए। सूत्र बताते हैं कि गोपनीय बैठक से पहले सभी सदस्यों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए थे।
इसमें सदस्यों ने अध्यक्ष की खुलकर मुखालफत करते हुए अपने-अपने गिले-शिकवे सामने रखे। तय हुआ कि 15 जुलाई को आयोजित दिशा की बैठक का बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया जाए। उधर, भनक लगते ही अध्यक्ष कल्पना सोनकर भी डैमेज कंट्रोल में जुट गई हैं।