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डकैती के बाद से सहमा को-वैक्सीन देने वाले रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक का परिवार

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देश को को-वैक्सीन की सौगात देने वाले इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च सेंटर पुणे में काम करने वाले वैज्ञानिक हरिओम सिंह का परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से सहमा है। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ डकैती समेत तमाम संगीन धाराओं में रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन किसी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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यहां तक कि घटना स्थल पर मिले खोखे व आरोपियों के असलहों को जांच के लिए भी नहीं भेजा गया। अमर उजाला से बातचीत में वैज्ञानिक हरिओम ने बताया कि उन्होंने इसके लिए फिर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
सदर कोतवाली के जुबरा गांव निवासी हरिओम सिंह आईसीएमआर पुणे में वैज्ञानिक है। हरिओम सिंह ने बताया कि उनके रिसर्च सेंटर ने भारत बायोटेक के सहयोग से कोरोना का टीका को वैक्सीन तैयार किया है। इसी रिसर्च टीम का वह हिस्सा रहे हैं।
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छोटा भाई चित्रकूट जिले में ड्रग इंस्पेक्टर है। गांव में उनके ताऊ व ताई रहते हैं। हरिओम का कहना है कि पिछले दिनों गांव के दबंगों ने जेसीबी लगाकर उनके घर के अधिकांश हिस्से को गिरा दिया और लाइसेंसी असलहों से फायरिंग की। घर से जेवरात भी लूट ले गए। विरोध करने पर परिवार के सदस्यों को पीटा भी गया।
शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद मांगी। शासन से आए पत्र के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, लेकिन किसी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी। गांव में रहने वाले बुजुर्ग दंपती दबंगों की धमकी से काफी परेशान हैं। इस बाबत इंस्पेक्टर मंझनपुर विनोद सिंह का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने सदर कोतवाली का चार्ज लिया है।
मामला उनके संज्ञान में नहीं है। फिलहाल अगर ऐसा तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं वैज्ञानिक का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री को फिर से पत्र भेजा है।
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