विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति में सुस्ती पर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उदयन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जल निगम, सिंचाई, नलकूप, पोषण और सोशल सेक्टर के कार्यों का जायजा लिया गया।
जल जीवन मिशन में धीमी रफ्तार पर एक्शन
जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन बिछाने, गृह संयोजन और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के कार्यों की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की कम उपस्थिति पर भी नाराजगी
जिला पोषण समिति की बैठक के दौरान कनैली, मूरतगंज और कड़ा विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई। डीएम ने कड़ा और सिराथू के अनुपस्थित सीडीपीओ का वेतन रोकने के आदेश दिए।
प्रमुख विभागों की समीक्षा और निर्देश
सिंचाई विभाग की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और यांत्रिक एवं विद्युत दोषों के कारण बंद पड़े नलकूपों को तत्काल दुरुस्त कराकर चालू करने के निर्देश दिए गए। छात्रवृत्ति के सभी लंबित मामलों व अन्य योजना के आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। बाल कल्याण समिति की समीक्षा के तहत अगस्त माह में 35 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 43 नए प्रकरण सामने आए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार और जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।