16 साल चला मुकदमा, 386 बार मिली तारीख, चार साल की मिली सजा
- गैर इरादतन हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत तीन को मिली कैद, जुर्माना
- कोखराज के कशिया पश्चिम गांव की घटना, एडीजे प्रथम की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर (कौशाम्बी)। 16 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में 386 बार तारीख मिलने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में नामजद पिता-पुत्रों समेत तीन लोगों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल की सजा भुगतने का आदेश दिया। साथ ही प्रत्येक पर साढ़े 21-21हजार का अर्थदंड भी लगाया।
वादी अभियोजन के अनुसार कोखराज कोतवाली के कशिया पश्चिम निवासी राम प्यारे 25 अगस्त 2007 की सुबह अपने खेत में मेड़बंदी कर रहा था। इसी दौरान गांव के ही वासुदेव पासी ने अपने बेटे मनोहर व परिवार के सुंदरलाल के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडे और फरसे से हमलाकर मरणासन्न कर दिया था। इलाज के दौरान रामप्यारे की अस्पताल में मौत हो गई थी। मामले में रामप्यारे के बेटे मेंदरलाल ने तीनों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम राकेश कुमार की अदालत में चला। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुरुद्ध मिश्रा ने वादी समेत सात लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। मुकदमे के वादी मेंदरलाल ने अदालती फैसला पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि अगली कार्रवाई के लिए वह अपने अधिवक्ता से विधिक सलाह लेगा।