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Kaushambi News: डॉक्टर साहब की ड्यूटी न लगे इसलिए बर्न वार्ड में लगा दिया ताला

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मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल ​स्थित बर्न वार्ड में लगा ताला। संवाद
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मेडिकल कॉलेज में झुलसे मरीजों के लिए बर्न वार्ड बनाया गया है। डॉक्टर और कर्मचारियों को ड्यूटी न करनी पड़े इसलिए बर्न वार्ड में ताला लगा दिया गया है। यहां आने वाले सामान्य झुलसे मरीजों का इमरजेंसी में ही प्राथमिक उपचार किया जाता है। वहीं, गंभीर मरीजों को सीधे एसआरएन प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज में आग में झुलसे मरीजों के लिए अस्पताल के मुख्य भवन में बर्न वार्ड बनाया गया है। लेकिन, डॉक्टर और कर्मचारी यहां आए गंभीर मरीजों के इलाज में आनाकानी करते हैं और उन्हें प्रयागराज रेफर कर देते हैं।
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केस नं- एक
- सिराथू के कैमा निवासी माया देवी पुत्री रामबाबू 31 जनवरी को घर पर अलाव तापते समय गिर गई थीं। गंभीर रूप से झुलसी माया को परिजन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में ले गए। वहां तैनात डॉक्टर ने प्रयागराज रेफर कर दिया।
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केस नं- दो
- सरसवां के हिनौता गांव निवासी तारावती पुत्री सत्यवीर सरोज नगर पालिका मंझनपुर कार्यालय के समीप स्थित किराये के मकान में रहती हैं। 12 फरवरी को छत पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं। इलाज के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज रेफर कर दिया था।


केस नं- तीन
- चित्रकूट के गड़ौली गांव निवासी छोटकू की पुत्री खाना बनाते समय गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन सरकारी एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज ले आए, यहां उसका प्राथमिक उपचार हुआ। बाद में वहां पर मौजूद कर्मचारी ने आनाकानी करते हुए उसे प्रयागराज रेफर कर दिया।

मरीज आने पर भर्ती करने के लिए वार्ड खोल दिया जाता है। वार्ड के बगल में सर्जिकल वार्ड है, मरीजों के आने पर वहां तैनात कर्मचारियों से ड्यूटी करवाई जाती है।
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- डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस
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