शमसाबाद (कौशाम्बी)। स्कूल से संदिग्धदशा में लापता हुए मंझनपुर के तैबापुर गांव के 8 वर्षीय बालक मंजीत पुत्र नरीमन की लाश शनिवार शाम ट्रैक के किनारे मिली। रात भर उसकी तलाश में भटकते रहे घरवालों को जब शव मिलने की सूचना मिली तो भागकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। लाश मंजीत की देख परिजन दहाड़ें मारकर रोने लगे। स्कूल से गायब बच्चे का शव ट्रैक किनारे मिलने पर लोगों में तमाम चर्चाएं हैं।
घटना को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। हत्या की आशंका जताते हुए लोग घटना के खुलासे की मांग करते हुए सड़क पर उतर आए। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर की मांग के साथ ग्रामीणों ने सिराथू-मंझनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के तैबापुर (शमसाबाद) गांव निवासी नरीमन की साल भर पहले मौत हो चुकी है।
उसका बेटा मंजीत (8) गांव में ही खुले जेपी कान्वेंट स्कूल में दूसरी क्लास का छात्र था। मंजीत की मां ने बताया कि शनिवार सुबह वह रोज की तरह स्कूल गया था। साथ पढ़ने वाले गांव के बच्चे भी बता रहे थे कि सुबह 7.30 बजे स्कूल आया था। पर, करीब आधे घंटे बाद ही वह अचानक गायब हो गया था। स्कूल में छुट्टी होने के बाद क्लास में उसका बस्ता रखा देख क्लास टीचर ने परिजनों को सूचित किया तो घर में हड़कंप मच गया। तभी से पूरा परिवार उसकी खोजबीन में लगा था।
सिराथू स्टेशन के समीप शनिवार को एक बच्चे की ट्रैक किनारे लाश मिली थी। पर, शिनाख्त नहीं होने पर जीआरपी ने उसे एसआरएन हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस में भेज दिया। सुबह इसकी भनक लगने पर आशंकावश परिजन वहां गए तो शव मंजीत का ही निकला। घरवालों ने किसी से भी दुश्मनी आदि से इंकार किया है। परिजन और ग्रामीण सभी मंजीत की मौत को लेकर स्तब्ध हैं। लोगों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना से परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए सड़क पर उतर आए और सड़क पर जाम लगा दिया। खबर लिखे जाने तक पुलिस अफसर ग्रामीणों को समझाने में जुटे थे। सीओ पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तफ्तीश के बाद जो भी सच्चाई सामने आएगी पुलिस कार्रवाई करेगी।