फर्जी अंकपत्र के सहारे जिला पंचायत में चौकीदार की नौकरी हासिल करने वाले जालसाज की जमानत अर्जी जिला जज ने खारिज कर दी। आरोपी ने वर्ष 2009 में नौकरी हासिल की थी।
अभियोजन के मुताबिक कोखराज कोतवाली के गौरा निवासी मनोज कुमार मौर्य का चयन वर्ष 2009 में जिला पंचायत में चौकीदार के पद पर हुआ। मनोज ने अपनी शैक्षिक योग्यता में श्रीकृष्ण जूनियर हाईस्कूल सैदनपुर से आठवीं पास की मार्कशीट लगाई थी।
जिला पंचायत ने बेसिक शिक्षा विभाग से मार्कशीट का सत्यापन कराया तो वह फर्जी निकली। 25 नवंबर 2011 को तत्कालीन बीएसए ने इसकी रिपोर्ट एएमए को भेजी थी। इसके बाद मनोज के खिलाफ धोखाधड़ी का केस सदर कोतवाली में दर्ज कराया गया। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। यह मामला जिला जज बृजेश कुमार मिश्र की अदालत में विचाराधीन है।
मंगलवार को आरोपी मनोज के अधिवक्ता की तरफ से जमानत का प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसका विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने किया। अदालत ने सभी पक्ष को सुनने के बाद जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।