आसमान से बरस रही आग के साथ गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा है। गर्मी में लोग खुद को तर रखने के लिए खीरा, ककड़ी, तरबूज, जूस आदि का सेवन कर रहे हैं। दोपहर तक गुलजार रहने वाली सड़कों पर सियापा छा जाता है। भीषण गर्मी के चलते लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं।
गर्मी ने दोआबा के लोगों को बेहाल कर रखा है। शुक्रवार को भी तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग पूरा शरीर कपड़े से ढककर बाहर निकल रहे हैं। मौसम के आक्रामक तेवर के कारण दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। जरूरी काम पड़ने पर ही लोग बाहर निकलते हैं। दोपहर में मुसाफिर कम निकलने से वाहनों का भी टोटा रहता है। गर्मी के तेवर से हर घर में लोग बीमार पड़े हैं। सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या है।
खानपान में जरा सी लापरवाही लोगों को बीमारी की जद में धकेल रही है। जिला चिकित्सालय सहित निजी अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। रात के वक्त तापमान में गिरावट होती है लेकिन हवाओं में नमी रात 12 बजे के बाद ही आती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में एक वार्ड डायरिया के मरीजों के लिए ही आरक्षित कर दिया गया है। जो मरीज डायरिया के आ रहे हैं उन्हें उसी वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग खीरा, तरबूज, ककड़ी, गन्ने का जूस और बेल का शर्बत तलाश रहे हैं। भीषण गर्मी से बचाव के लिए कस्बे के हजरतगंज स्थित तालाब में बच्चे रोजाना मस्ती करते हैं। दोपहर में सारा दिन दिन बच्चों को तालाब में नहाते रहते हैं।