सदर तहसील के नसुल्लापुर गांव में बृहस्पतिवार दोपहर संदिग्ध हालत में लगी आग से एक किशोरी की जलकर मौत हो गई। किशोरी को बचाने के प्रयास में उसकी बहन और बहनोई भी झुलस गए गए हैं। चीख-पुकार सुन जुटे ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते, तब तक आग ने बस्ती के नौ घरों को अपने आगोश में ले लिया। आग की चपेट में आने से सात घरों की गृहस्थी जलकर राख हो गई।
छह बकरियां व तीन मवेशी भी आग की भेंट चढ़ गए। सूचना के तीन घंटे बाद पहुंचे अग्नि शमन दल ने किसी तरह आग बुझाई। घटना में करीब 20 लाख के नुकसान का अनुमान है। एडीएम जयचंद्र पांडेय, एएसपी समर बहादुर पुलिस व राजस्व कर्मियों के साथ पहुंचे। अफसरों ने घायल दंपती को इलाज के लिए प्रयाग के अस्पताल भेजा। किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
नसुल्लापुर गांव का वीरेंद्र कुमार बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी सुमन देवी, बेटी उसमा, दामाद राजू व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत में भूसा लेने गया था। घर में उसकी छोटी बेटी इसमा (15) अकेली थी। वीरेंद्र के घर के बाहर सरपत का झुरमुट रखा था और इसी के पास राजू की बाइक खड़ी थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक सरपत में आग लग गई। इसमा कुछ समझ पाती, तब तक आग ने बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इस पर इसमा शोर मचाते हुए बाइक में लगी आग को बुझाने लगी। तब तक इसमा की बहन उसमा व बहनोई राजू भी आ गया। वह लोग कुछ करते, इससे पहले बाइक के पेट्रोल टैक में ब्लास्ट हो गया। घटना में इसमा की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसमा व उसका पति राजू गंभीर रूप से झुलस गए । उधर, ब्लास्ट के बाद आग की चिंगारी सड़क की दूसरी पट्टी पर स्थित नरेश, सियाराम, अजय, बिहारी, सुंदर, बैजनाथ, हरिलाल, राजाराम, दुर्गा आदि के घरों में भी पहुंच गई।
घटना को लेकर गांव में चीख-पुकार मच गई। घटना की करीब तीन घंटे के बाद पहुंचे फायर बिग्रेड कर्मियों ने किसी तरह आग पर आग पाया। दोपहर बाद एडीएम जयचंद्र पांडेय, एएसपी समर बहादुर पुलिस और प्रशासन के अफसरों के साथ पहुंचे। पुलिस ने उसमा व उसके पति को इलाज के लिए एंबुलेंस से प्रयागराज के अस्पताल भेजा। इसमा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।