कशिया गांव स्थित कर्बला में मूरतगंज, पल्हाना, धन्नी, सकाढ़ा, शेरगढ़, मितुवापुर, बलिहावां, छोटा नौगीरा का ताजिया आता था। इसके बाद यहां से अकीकतमंद अपने निर्धारित स्थान पर ताजिया ले जाकर दफन करते थे।
कोखराज कोतवाली के कशिया सहित नौ गांवों के लोगों ने न तो जुलूस निकाला और न ही ताजिया दफन किया। पुलिस-प्रशासन के अफसरों के समझाने के बाद अकीदतमंद कर्बला में फूल दफन करने को राजी हुए। फोर्स की मौजूदगी में फूल दफन कराया गया।
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कशिया गांव स्थित कर्बला में मूरतगंज, पल्हाना, धन्नी, सकाढ़ा, शेरगढ़, मितुवापुर, बलिहावां, छोटा नौगीरा का ताजिया आता था। इसके बाद यहां से अकीकतमंद अपने निर्धारित स्थान पर ताजिया ले जाकर दफन करते थे। इस बार जिस रास्ते से ताजिया जुलूस निकलता था उसके ऊपर बिजली का तार काफी नीचे था। ताजियेदारों का कहना था कि पहले तार काटने के बाद ताजिया जुलूस निकलता था। वह लोग तार काटने की मांग कर रहे थे।
शनिवार को डीएम सुजीत कुमार व एसपी हेमराज मीना कशिया पहुंचे और तय हुआ कि तार काटी नहीं जाएगी बल्कि उसे टाइट करा दिया जाएगा। इस पर ताजियादार सहमत नहीं थे। सोमवार को भी एसडीएम चायल मनीष यादव व सीओ सिराथू डॉ. केजी सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
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इसके बाद भी लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। मंगलवार भोर से ही कशिया में एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में मान मनौव्ल का दौर चला, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। शाम साढ़े छह बजे ताजियेदारों ने यह तय किया कि जुलूस नहीं निकला और न ही ताजिया दफन होगा। लोग कर्बला में फूल दफन करेंगे। इस फैसले पर प्रशासन ने भी स्वीकृति दे दी। इस बाबत सीओ डॉ. केजी सिंह का कहना है लोगों ने अपनी स्वेच्छा से सिर्फ फूल दफन करने को कहा था। फूल दफन करा दिया गया है।