परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए पाठ्यक्रम को विभाजित कर दिया गया है। अब चार बार परीक्षा और मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें अलग-अलग गतिविधियों और खेलकूद के लिए समय निर्धारित किया गया है। अब इसी के अनुसार शिक्षण कार्य किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में अब तक साल में केवल दो बार ही परीक्षाएं होती रही हैं। बदलाव के तहत अब हर चार माह में बच्चों की परीक्षाएं होंगी। परीक्षा में सवाल विभाजित पाठ्यक्रम से ही पूछे जाएंगे। साल में अंत में वार्षिक परीक्षा में पूरे किताब से सवाल पूछे जाएंगे। वार्षिक परीक्षाफल में सभी परीक्षाओं के अंक जोड़े जाएंगे। नए सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके अलावा स्कूल में खेल गतिविधियों का आयोजन जुलाई से नवंबर के बीच होगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पूरे साल की शैक्षिक गतिविधि के लिए कैलेंडर जारी किया गया है। इसी के अनुसार सत्र चलेगा।
जुलाई से ऑनलाइन हाजिरी की तैयारी बीएसए ने बताया कि जुलाई से हर विद्यालय में शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी होगी। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। टैबलेट स्कूल को दिया जा चुका है। सिम की समस्या थी। इसके लिए एक कंपनी को निर्देश दिया गया है। जुलाई के पहले सप्ताह तक सभी स्कूलों को सिम उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद बच्चों की सुबह और शाम की फोटो के साथ ही शिक्षक अपनी फोटो भेजकर हाजिरी लगाएंगे। एमडीएम की भी फोटो अपलोड करनी होगी। इससे शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।