मंझनपुर (ब्यूरो)। तहसील दिवस की तरह की थानों में होने वाले पुलिस के समस्या समाधान दिवस से भी लोगों को मोहभंग हो चुका है। यही कारण है कि शनिवार को जिलेभर के थानों में आयोजित इस दिवस में इक्का-दुक्का फरियादी ही नजर आए। खुद पुलिस अधीक्षक रतनकांत पांडेय सरायअकिल कोतवाली में लोगों की समस्याओं के समाधान को मौजूद थे। पर, उनके सामने भी सिर्फ पांच पीड़ित ही उपस्थित हुए। यही आलम जिले के अन्य 11 थानों का रहा।
पुलिस से जुड़ी आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने प्रत्येक शनिवार को थानों में समस्या समाधान दिवस आयोजित करने का शासनादेश लागू किया है।
फरमान है कि समाधान दिवस में आने वाले व्यक्तियों की दिक्कतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए। पर, कुछ ही महीने में पुलिस के समस्या समाधान दिवस से लोगों को मोहभंग होने लगा है। इसके कारण शनिवार को थानों में आयोजित होने वाले इस दिवस में लोग अपनी समस्याएं लेकर आते ही नहीं है।
इस शनिवार को भी जिले के सभी थानों में सीओ, एसओ फरियादियों के इंतजार में बैठे रहे। पर, थानों मेें दो-चार पीड़ित ही आए। इस दौरान एसपी रतनकांत पांडेय भी सरायअकिल थाने में पीड़ित की समस्याओं के निस्तारण को मौजूद थे। पर, एसपी के सामने कुल पांच लोग ही शिकायती पत्र लेकर आए।
इनमें से तीन परिवारिक विवाद का मामला था। इन्हीं तीन शिकायतों का एसपी ने तत्काल निस्तारण कराया। शेष दो शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक ने एसओ को देकर गांव जाकर इसका दो दिन में निस्तारण का निर्देश दिया है। इसी तरह से मंझनपुर कोतवाली में भी समस्या समाधान दिवस में सिर्फ चार शिकायतीपत्र आए थे। इनमें से एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका।