मंझनपुर। मानदेय और नवीनीकरण नहीं मिलने से आक्रोशित प्रेरकों का शनिवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। डायट मैदान में दो दिनों से हुंकार भर रहे प्रेरकों ने इस दौरान जहां अफसरों पर भारत साक्षर अभियान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। वहीं ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, उनका यह आंदोलन चलता रहेगा।
जिले के सात लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कौशाम्बी में साक्षर भारत मिशन योजना लागू की गई है। इसके तहत गांव-गांव लोक शिक्षा केंद्र खोलकर निरक्षरों को पढ़ाने के लिए प्रेरकों की नियुक्ति की गई है। पर, इन प्रेरकों का आरोप है कि 17 महीने से उन्हें मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
मानदेय के साथ ही उनका नवीनीकरण भी नहीं किया जा रहा है। इससे प्रेरकों में गुस्सा है। जिलाधिकारी समेत अन्य अफसरों से कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर शुक्रवार को प्रेरकों का गुस्सा फूट पड़ा। नारेबाजी करते हुए डायट मैदान में जुटे प्रेरक दो दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं।
जिला समन्वयक चंद्रभान सिंह ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है। यह संघर्ष जारी रहेगा। मानदेय नहीं दिए जाने पर प्रेरक भूख हड़ताल को भी तैयार हैं। इस मौके पर नीतू मिश्रा, पारूल श्रीवास्तव, संतराम, रुचि मिश्रा, कमल कुमार, सुधा देवी, अनीता देवी, अनुज मिश्रा, नीलू देवी, मनीषा देवी, रानी देवी, सुमन देवी, रायमा खातून, अमित कुमार, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।