अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा व जुर्माना
- चरवा कोतवाली के एक गांव में आठ साल पहले किशोरी के साथ हुई थी घटना
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पॉस्को शीरीन जैदी ने चरवा कोतवाली इलाके में आठ वर्ष पहले किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के आरोपी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। आरोपी के खिलाफ 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
वादी अभियोजन के अनुसार नौ अगस्त 2016 की सुबह करीब चरवा कोतवाली इलाके के एक 13 वर्षीय किशोरी शौच के लिए खेत गई थी। वहीं से किशोरी का अपहरण कर लिया गया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के सिकंदर और उसके पिता सीताराम व चाचा गुलाब के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करके विवेचना शुरू की। दौरान विवेचनात्मक कार्रवाई पुलिस ने किशोरी को बरामद किया। कोर्ट में दिए बयान में किशोरी ने खुद के साथ दुष्कर्म किए जाने की बात भी बताई। इस पर पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा का इजाफा करते हुए सिकंदर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने आरोपित सीताराम और गुलाब की अपराध में संलिप्तता नहीं पाने पर दोनों को क्लीन चिट दे दी। कोर्ट में एडीजीसी शशांक खरे ने कुल सात गवाह न्यायालय में पेश करके गवाही कराई। बहस करते हुए एडीजीसी ने अपराध को गंभीर बताते हुए कड़ी सजा सुनाने का अनुरोध किया, तो बचाव पक्ष की ओर से आरोपी पर अपहरण व दुष्कर्म का अपराध नासाबित बताया गया। कोर्ट ने सभी पक्ष को सुनने के बाद सिकंदर को सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद सिकंदर को जेल भेज दिया गया है।