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सात माह बाद खुले स्कूल-कॉलेज, सिर्फ 15 फीसदी पहुंचे विद्यार्थी

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school and colleges opened after 7 month, only 15% students present - फोटो : KAUSHAMBI
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मंझनपुर। तकरीबन सात माह बाद सोमावार को जिले में स्कूल-कॉलेज खुले। हालांकि, पहले दिन लगभग15 फीसदी विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। इस दौरान कई स्कूलों ने अभिभावक की सहमति पत्र के बगैर पहुंचे छात्र-छात्राओं को वापस भेज दिया। वहीं, शासन की ओर से नामित नोडल अफसर विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा अर्यका अखौरी ने आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
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लॉकडाउन के पहले से स्कूल-कॉलेज बंद चल रहे थे। अनलॉक-5 की गाइडलाइन में कोविड नियमों के बीच सोमवार से माध्यमिक स्कूल खोलने की अनुमति दी गई। इसके तहत विद्यालयों ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। स्कूल प्रबंधन की ओर से कक्षाओं में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन के साथ अभिभावकों से सहमति पत्र मंगवा लिया गया था। सोमवार को पहले दिन तीन-तीन घंटों की दो पालियों में स्कूल खोले गए। प्रथम पाली में कक्षा नौ व दस तथा द्वितीय पाली में कक्षा 11 और 12 के छात्र बुलाए गए थे।
स्कूल में एक-एक विद्यार्थी को थर्मल स्कैनिंग करने के बाद प्रवेश दिया गया। लेकिन पहले दिन उपस्थिति काफी कम रही। भरवारी के एनडी ब्वॉयज में 89 बच्चों को बुलाया गया था। इनमें से 48 ही उपस्थित हुए। नंदी वाणी भरवारी में कक्षा नौ के 11, कक्षा दस के नौ, कक्षा 11 में तीन ही बच्चे आए। यही स्थिति श्री दुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा की भी रही। धर्मा देवी इंटर कॉलेज केन कनवार हाईस्कूल में केवल 70 और इंटर में 90 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। ये हाल नामचीन स्कूलों का रहा। जबकि सामान्य विद्यालयों में उपस्थिति और भी कम रही। डीआईओएस एसके सिंह ने बताया कि पहले दिन छात्रों की उपस्थित लगभग 15 फीसदी रही।
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उधर, पठन-पाठन का जायजा लेने के लिए शासन की ओर से नामित नोडल अफसर विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा अर्यका अखौरी ने एसडीडीडी इंटर कॉलेज ओसा, डीएन इंटर कॉलेज ओसा, डीआर पब्लिक इंटर कॉलेज भरवारी, एसएवी इंटर कॉलेज सैनी तथा मॉडल स्कूल पूरबशरीरा समेत आधा दर्जन विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने विद्यालय संचालकों को कई जरूरी निर्देश दिए।
व्यवस्था देखने के बाद बच्चों को भेजेंगे स्कूल
मंझनपुर। सात माह बाद सोमवार को खुले स्कूलों में पहले दिन उपस्थिति बेहद कम रही। निरीक्षण के दौरान नोडल अफसर ने प्रधानाचार्यों से इस बाबत सवाल-जवाब किया। ज्यादातर प्रधानाचार्यों ने बताया कि अभिभावकों का कहना है कि पहले स्कूल में कोविड से बचाव की व्यवस्था देखेंगे। इसके बाद ही वह अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। संचालकों ने यह भी बताया कि कई छात्रों ने अभिभावकों का सहमति पत्र नहीं अपने साथ नहीं लाया इसके चलते उन्हें वापस कर दिया गया।
स्कूल खुले पर नहीं पहुंचे एक भी छात्र
भरवारी। भवंस मेहता विद्याश्रम तथा कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज भरवारी सोमवार को दिनभर खुले रहे। पर, किसी भी कक्षा का कोई छात्र स्कूल नहीं पहुंचा। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में करीब तीन दर्जन विद्यालयों का यही हाल रहा।
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