कड़ा के बाजार घाट में गंगा में डूबे रिटायर्ड फौजी के बाद नौवें दिन मंगलवार को इकलौते बेटे ऋषभ का भी शव उतराता मिला। पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पिता-पुत्र की मौत से पीड़ित परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
कड़ा के दारानगर निवासी मनमोहन मिश्रा का निधन होने पर छह जनवरी की सुबह उनका परिवार दसवीं संस्कार करने बाजार घाट गया था। संस्कार से पहले स्नान के दौरान दिवंगत मनमोहन का नाती ऋषभ पैर फिसलने के कारण गंगा में डूब गया था।
ऋषभ को बचाने में उसके पिता जय जनार्दन मिश्रा, बड़े पिता जय कृष्ण मिश्रा व शिखर मिश्रा पुत्र जय कृष्ण मिश्रा भी गहरे पानी में डूब गए थे। किसी तरह शिखर मिश्रा व उसके पिता जय कृष्ण मिश्रा को बाहर निकाल लिया गया था।
बाद में जय कृष्ण मिश्रा ने इस्माइलपुर सीएचसी में दम तोड़ दिया था। शिखर की हालत ठीक है। गंगा में डूबे जय जनार्दन मिश्रा का शव सातवें दिन रविवार सुबह मिला था। नौवें दिन मंगलवार सुबह चंपतपुर घाट के सामने गंगा में ऋषभ का शव मिला।
चेयरमैन प्रतिनिधि अरुण केसरवानी ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर शव को बाहर निकलवाया। इसकी जानकारी होते ही परिजन बिलख पड़े। ऋषभ की मां आद्या मिश्रा व तीनों बेटियों की रो-रोकर हालत खराब है।
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बुझ गया कुल का चिराग, बहन ने दी मुखाग्नि
कड़ा। दिवंगत जय जनार्दन मिश्रा को एक बेटा ऋषभ के अलावा तीन बेटियां हैं। ऋषभ एनसीसी कैडेट था। इन दिनों वह प्रयागराज के एक निजी कॉलेज से एमसीए कर रहा था। गंगा की लहरों में पिता-पुत्र के समाने के साथ ही कुल का चिराग बुझ गया। मंगलवार को ऋषभ की चिता को छोटी बहन मानसी ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मां-बहनों का करुण क्रंदन देख मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। संवाद
कड़ा के बाजार घाट के समीप गंगा में मिले ऋषभ मिश्रा का शव लेकर जाती पुलिस। संवाद- फोटो : katra