मंझनपुर स्थित सीएमओ कार्यालय। संवाद
जिले में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रभावित चल रही थीं। इससे खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज या निजी सेंटरों में जाना पड़ता था। आने वाले दिनों में जिले में अल्ट्रासाउंड सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए एक नई पहल की है।
सीएमओ ने बीते छह माह पहले सिराथू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉ. सुनील सिंह को सोनोलॉजिस्ट की विशेष ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा था। ट्रेनिंग पूरी कर वे वापस लौट आए हैं और अब जिले में अल्ट्रासाउंड जांच सेवा शुरू करेंगे। विभागीय योजना के तहत जिले की तीन एफआरयू श्रेणी की सीएचसी कनैली, सिराथू और सरायअकिल में सप्ताह में दो-दो दिन अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि, जिले में अभी भी दो और सोनोलॉजिस्ट की आवश्यकता है। इसे देखते हुए सीएमओ ने डॉ. औचित्य सिंह और डॉ. कमलेश को भी छह माह की सोनोलॉजिस्ट ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से न केवल गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच की सुविधा मिलेगी, बल्कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से जिले में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जिले में अल्ट्रासाउंड सेवाओं को और बेहतर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों को सोनोलॉजिस्ट का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, ताकि गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर जांच की सुविधा मिल सके। आने वाले दिनों में सभी एफआरयू केंद्रों पर नियमित अल्ट्रासाउंड सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।