मंझनपुर। जिले में सप्ताह भर बाद मंगलवार को सुबह से ही मौसम खुशनुमा रहा। दोपहर बाद करीब दो बजे से झमाझम बारिश। करीब दो घंटे की बारिश किसानों की मुरझा रही फसलों को संजीवनी दे गई। जहां बरसात होने से किसानों के चेहरे खिल उठे तो वहीं लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
पिछले चार-पांच दिनों से सुबह से ही तेज धूप हो रही थी। हवा नहीं चलने की वजह से उमस और गर्मी बनी थी। ऐसे में जहां किसानों की फसल सूख रही थी, वहीं लोग भी इस उमसभरी गर्मी से परेशान थे। मंगलवार सुबह मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने मुरझाई फसलों में संजीवनी का काम कर गई। बारिश से किसानों के चेहरे खिलखिला उठे। तो वहीं उमस और गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। हालांकि तेज बारिश के चलते कुछ देर के लिए सड़क पर जरूर आवागमन बाधित हुआ। सोनारन का पूरा के किसान पन्नालाल का कहना है कि धान की सूख रही फसलों को पानी की सख्त जरूरत थी। पिछले तीन दिन से फसल के सिंचाई के लिए नलकूप में नंबर लगा रखा था। लेकिन बुधवार को हुई बारिश से फसल की सिंचाई हो गई है। बरइन का पूरा के किसान सुंदरलाल का कहना है कि धान की फसल सिंचाई मांग रही थी। सरकारी नलकूप खराब होने से निजी नलकूप से पानी लगाना था।
झमाझम बारिश ने काम हल्का कर दिया। उधर, मुख्यालय से सटे कोर्रों का मजरा गड़रियन का पूरा गांव में नालियों की साफ-सफाई नहीं की गई थी। ऐसे में बारिश होने से गंदगी से पटी नालियों से होकर बारिश का पानी नहीं निकल सका। जिसके कारण बारिश का पानी रास्ते में भर गया। इससे ग्रामीणों समेत राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।