मंझनपुर। पंजाब नेशनल बैंक मंझनपुर के शाखा प्रबंधक की मेहनत रंग लाई है। सरकारी योजनाओं के लक्ष्यवार अच्छी प्रगति से खुश होकर मुख्य विकास अधिकारी बीएन मिश्रा ने बैंक को काली सूची से बाहर करने का आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया है। जिलास्तरीय अफसरों को बैंक के माध्यम से सरकारी धन के लेन-देन की छूट भी प्रदान कर दी है। तत्कालीन डीएम ने मैनेजर की मनमानी पर दो वर्ष पहले बैंक को काली सूची में डाल दिया था।
मंझनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक को तत्कालीन जिलाधिकारी ने काली सूची में डाल दिया था। बता दें कि कौशाम्बी के सभी 440 ग्राम पंचायतों के खाते में मनरेगा योजना की रकम पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से भेजी जाती थी। दो वर्ष पहले पूर्व शाखा प्रबंधक ने बैंक के खाते में मनरेगा योजना की रकम उपलब्ध होने के बाद कई महीनों तक ग्राम पंचायतों के खाते में ट्रांसफर नहीं किया था।
बैंक की यह मनमानी तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी की जांच में सामने आई थी। सीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक को काली सूची में डालने और सभी प्रकार के सरकारी लेनदेन खत्म करने आदेश जारी किया था। वहीं जिलास्तरीय अफसरों को बैंक से सरकारी धन हटाने का निर्देश जारी किया था। इसके बाद बैंक ने दो वर्षों तक दिलचस्पी से लक्ष्य के मुताबिक सरकारी योजनाओं का क्रियान्यवन किया।
बैंक की प्रगति रिपोर्ट से गदगद हुए मुख्य विकास अधिकारी ने शुक्रवार को बैंक को काली सूची से बाहर करने आदेश जारी कर दिया है। वहीं जिलास्तरीय अफसरों को सरकारी धन के लेन-देन की छूट प्रदान की है। मामले में सीडीओ बीएन मिश्रा का कहना है कि बैंक प्रबंधक द्वारा सरकारी योजनाओं के तेजी क्रियान्वयन और शाखा प्रबंधक की मेहनत के मद्देनजर बैंक को काली सूची से हटाने के साथ ही लेनदेन की अनुमति प्रदान कर दी गई है।