मंझनपुर। कोटेदार की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाना मेड़रहा गांव के एक परिवार पर भारी पड़ी है। इसी खुन्नस में विपक्षियों ने लाठी-डंडे से हमला करके घरवालों को लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि इस मामले में इलाकाई पुलिस ने हमलावरों के बजाय पीड़ित परिवार के ही एक व्यक्ति पर कार्रवाई कर दी। पुलिस की इस मनमानी के खिलाफ मंगलवार को पीड़ित परिवार ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के मेड़रहा गांव की रहने वाली लक्ष्मी देवी ने बताया कि गांव का कोटेदार खाद्यान्न, मिट्टी का तेल आदि वितरण में मनमानी करता है। इसकी शिकायत गांववालों के साथ उसके पति ने भी उच्चाधिकारियों से की थी। आरोप है कि इसी रंजिश में 13 अक्तूबर को जब वह खेत की ओर जा रही थी, तो कोटेदार और उसके लड़के और अन्य कुछ लोगों ने उसे रोककर झगड़ा करने लगे। कहासुनी के दौरान इन लोगों ने उसकी पिटाई भी की। चीख-पुकार सुनकर उसका देवर सुग्गन और परिवार के अन्य लोग आए, तो हमलावरों ने लाठी-डंडे से उनकी भी पिटाई कर दी। मारपीट का शोर सुनकर गांववालों के आने पर हमलावर धमकियां देते हुए भाग निकले। भुक्तभोगी ने बताया कि उसने घटना की नामजद तहरीर कौशाम्बी कोतवाली में दी। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे डांटकर भगा दिया। वहीं दूसरे पक्ष से शिकायतीपत्र लेकर पुलिस ने उसके ही पति के खिलाफ मारपीट करने की कार्रवाई कर दी। महिला ने बताया कि वह हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को 20 दिन से कोतवाली का चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। पुलिस की इस मनमानी के खिलाफ मंगलवार को पीड़ित परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार की कोईली देवी, शांति देवी, केला देवी, राजवंती, फूलकली, धनराज, फूलचंद्र, भुस्सन, दर्शनलाल, प्रहलात आदि लोगों ने आकर कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर घटना की जांच और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।