मंझनपुर। बेसिक शिक्षाधिकारी ने सोमवार को शिक्षा विभाग के एक अफसर की अध्यापिका बीवी को ही लापरवाही पर निलंबित कर दिया है। वे महीनों से स्कूल नहीं आ रही थीं। शिक्षिका की यह मनमानी खंड शिक्षाधिकारी मूरतगंज रमेशचंद्र पटेल की जांच सामने आई थी। रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने यह कार्रवाई की है। इसी तरह कम छात्र उपस्थिति पर 6 हेडमास्टरों समेत 18 अध्यापकों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। बीएसए की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार सिंह यादव ने परिषदीय स्कूलों के लापरवाह अध्यापकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसीक्रम में उन्होंने पूर्व माध्यमिक स्कूल बरीपुर (मूरतगंज) की सहायक अध्यापिका सुहासिन सिंह यादव को निलंबित किया है। बीएसए ने बताया कि सुहासिन महीनों से स्कूल नहीं आ रही थीं। 7 नवम्बर को खंड शिक्षाधिकारी की जांच में भी वे गैरहाजिर थीं। एबीएसए की रिपोर्ट के आधार पर सहायक अध्यापिक को बीएसए ने सोमवार को निलंबित कर दिया गया है। बताया कि निलंबन अवधि में शिक्षिका को पूर्व माध्यमिक स्कूल गौहानी नेवादा से संबद्ध किया गया है। उल्लेखनीय है कि सस्पेंड की गई अध्यापिका गैरजनपद के एक बड़े अफसर की बीवी हैं। इसी तरह एबीएसए की जांच में कम छात्र उपस्थिति पर उलाचूपुर की हेडमास्टर शुचिता सिंह, प्राथमिक स्कूल लोधन का पुरवा के हेडमास्टर हबीब अहमद एवं स्कूल के सहायक अध्यापकों, पूर्व माध्यमिक बरौला के हेडमास्टर अशर्फीलाल, प्राथमिक स्कूल गड़रियन का पुरवा कड़ा के हेडमास्टर उदयराज सिंह, प्राथमिक स्कूल अलावलपुर टिकरी की हेडमास्टर सारिका सिंह, पूर्व माध्यमिक के रामनरेश त्रिपाठी, प्राथमिक स्कूल बभनपुरवा के हेडमास्टर कंचनलाल सोनकर की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। प्राथमिक स्कूल काटीपार के शिक्षामित्र जागृति देवी का मानदेय रोक दिया गया है। बीएसए ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। कम छात्र उपस्थिति पर हेडमास्टरों और सहायक अध्यापकों पर कार्रवाई होगी।