सिराथू। कड़ा ब्लॉक के सैनी गांव को भले ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया हो, लेकिन यहां पशु अस्पताल के बगल में अवैध रूप से डेरा जमाए भिखारी परिवार प्रशासन के इस दावे की धज्जियां उड़ा रहे हैं। भिखारी परिवार के सदस्य खुले में शौच कर गंदगी फैला रहे है। इसके चलते लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है।
पंचायती राज विभाग ने सैनी गांव को कागजों पर खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है। पर यहां की हकीकत सच से दूर है। दरअसल यहां पशु अस्पताल के बगल खाली भूमि पर आसपास गांव के कई भिखारी परिवारों ने डेरा बना लिया है। सुबह होते ही पूरा परिवार भीख मांगने के लिए रोडवेज बस स्टेशन पहुंच जाते हैं। इनके परिवार के लोग सुबह शाम फायर स्टेशन के पीछे एवं जर्जर धर्मशाला के आसपास खुले में शौच कर गंदगी फैलाते हैं। बदबू के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके अतिरिक्त तालाब किनारे भी सैनी सरांय के तमाम लोग खुले में शौच कर गंदगी फैलाते हैं। विरोध करने पर ये लोग झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। ग्राम प्रधान संतोष पटेल का कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित शिकायत भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बीडीओ कड़ा राकेश कुमार धूरिया का कहना है कि खुले में शौच की निगरानी के लिए गांव के सेक्रेटरी एवं लेखापाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही पशु अस्पताल के पास अवैध रूप से रहने वाले भिखारियोे को उनके मूल गांव भेजा जाएगा। शीघ्र ही इसकी जांच कराने के लिए ब्लाक से एक टीम सैनी भेजेंगे।