मंझनपुर/चायल। स्थानीय तहसील क्षेत्र में रविवार सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई। इसके साथ ही फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बूदाबांदी के साथ शीतलहर से मौसम ने यू टर्न ले लिया है। ठंड बढ़ने से लोग रविवार को पूरे दिन गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे। उधर मौसम में बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बसुहार गांव के रामधनी, पुरखास के दिलदार अहमद बेरौंचा के श्रीधर आदि किसानों का कहना है कि इस वक्त खेतों में सरसों, गेहूं, व आलू की फसल खड़ी है।
बूंदाबांदी व शीतलहरी से फसलें खेत में गिरने लगी हैं। मौसम का यही हाल रहा तो बड़ा नुकसान हो जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ अजय सिंह ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए अच्छी है। लेकिन आलू और सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। मिट्टी में फुसफुसाहट के कारण तेज हवा में फसल गिरने का डर बना रहता है। फसल गिरने पर उसके दाने कमजोर हो जाएंगे। बूंदाबांदी ने गांव की गलियों में कीचड़ कर दिया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।