सरायअकिल सीएचसी में गर्भवतियों के परिजनों को सलाह देती डॉ. मधुरिमा यादव। स्रोत : स्वयं
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब गर्भवती महिलाओं की सेहत पर भी पड़ने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरायअकिल में रोजाना 20-25 गर्भवती महिलाएं खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार दिन में बढ़ती गर्मी और सुबह-शाम की ठंडक के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है, क्योंकि इस दौरान उनकी प्रतिरोधक क्षमता सामान्य से कम रहती है।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. मधुरिमा यादव का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को भीड़-भाड़ से बचना चाहिए, साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए और संतुलित व पौष्टिक आहार लेना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना और समय-समय पर आराम करना भी आवश्यक है। लापरवाही बरतने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।