मानसून की दस्तक के साथ ही कौशाम्बी प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय रहते राहत पहुंचाने के लिए 3.50 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार राहत राशन किट जुटाई जाएंगी।
जिले में हर वर्ष गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि से 48 गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही राहत और बचाव कार्यों की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
प्रशासन का मानना है कि समय से राहत सामग्री का भंडारण होने से आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
प्रमुख बाढ़ प्रभावित क्षेत्र
- कड़ा धाम क्षेत्र
- दारानगर गंगा तट
- तिल्हापुर मोड़ क्षेत्र
- शहजादपुर और आसपास के गांव
- सिराथू तहसील के गंगा किनारे बसे गांव
- मंझनपुर तहसील के यमुना तटीय गांव
- चायल क्षेत्र के कछारी गांव
- नेवादा ब्लॉक के यमुना किनारे स्थित गांव
- मूरतगंज क्षेत्र के निचले इलाके
- पश्चिमशरीरा और आसपास का कछारी क्षेत्र
10 हजार राहत राशन किट की खरीद के लिए 3.50 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होते ही सामग्री उपलब्ध हो जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। - मंगेश कुमार मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी, कौशाम्बी