तेज धूप होने की वजह से सिंचाई के बाद भी क्यारी की जमीन फटी। संवाद
भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र में धान की रोपाई पिछड़ गई है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि मौजूदा मौसम में नर्सरी डालने पर पौध के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
धान की नर्सरी लगाने का उपयुक्त समय जून का पहला सप्ताह माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम अनुकूल नहीं है। किसानों का कहना है कि सिंचाई के बाद भी खेत का पानी गर्म हो जाता है, जिससे अंकुरित पौध झुलस रहे हैं।
किसान धर्म नारायण मिश्र, अमर सिंह और किसान राधा कृष्ण मिश्र ने बताया कि रात में भी सिंचाई करने के बाद सुबह खेत में बचा पानी धूप से गर्म हो जाता है। इससे अकुंरित होने वाली नर्सरी खराब हो जाती है।
वहीं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज सिंह का कहना है कि जो किसान धान की नर्सरी डाल दिए है। वह रात में नर्सरी की क्यारी में पानी भर दें। दिन निकलने के पहले क्यारी से पानी निकाल दें। 20 जून तक मानसून के आने की उम्मीद है।