मंझनपुर। नकल विहीन पारदर्शी बोर्ड परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद लगातार कवायद कर रहा है। परिषद ने इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा भी सीसीटीवी कैमरे की निगहबानी में कराने का फरमान जारी किया है। इतना ही नहीं पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियो और मोबाइल रिकार्डिंग कराने का भी निर्देश दिया है। पहली बार हो रही इस व्यवस्था से शिक्षा माफियाओं, छात्रों में हड़कंप मचा हुआ है।
यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग में तीन भौतिक, रसायसन और जीव विज्ञान की 30-30 नंबर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं होती हैं। जबकि कला वर्ग में 40 नंबर का भूगोल में प्रैक्टिकल होता है। इसके लिए गैर जनपद से परीक्षक भेजे जाते हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में तगड़ा खेल होता है। कॉलेज के जिम्मेदार बाहर से आने वाले परीक्षक से सेटिंग भिड़ाकर अपने मुताबिक छात्रों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं में अधिक से अधिक अंक दिलाने में कामयाब हो जाते हैं। ऐसे में मुख्य परीक्षा में कम अंक मिलने के बावजूद विद्यार्थी बेहतर स्थान हासिल कर लेते हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाएं केवल औपचारिकता भर होने के कारण छात्र इसे लेकर बिलकुल बेफिक्र रहते हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस मर्तबा पहली जनवरी से होने वाली प्रयोगात्मक परीक्षा पर शिकंजा कस दिया है। नकल विहीन पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए परिषद के अपर सचिव शिवप्रकाश द्विवेदी ने मुख्य एग्जाम की तरह प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी सीसीटीवी कैमरे की निगहबानी में कराने का फरमान जारी किया है। इसके साथ ही समूची परीक्षा का वीडियो और मोबाइल से रिकार्डिंग कर उसकी क्लिप विद्यालय में सुरक्षित रखें। जिससे कि जरूरत पर किसी भी समय रिकार्डिंग देखी जा सके। जिला विद्यालय निरीक्षक एसके सिंह ने बताया कि परिषद के फरमान से सभी कॉलेज संचालकों को अवगत करा दिया गया है।