जिले से नहीं हटे विपिन, अर्जुन संभाल चुके कई कोतवाली
आधुनिक तकनीक में पीछे कौशाम्बी का पुलिस महकमा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शासन की मंशा है कि पेपरलेस काम हो। ऑन लाइन रिपोर्ट लिखी जा रही है। इसके बाद भी जिले की पुलिस हाईटेक होने की राह में काफी पीछे है। खुद पुलिस के सरकारी नंबरों पर कॉल करें तो चौकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।
कौशाम्बी जिले से विपिन त्रिवेदी का तबादला हुए कई साल हो गया। इसके बाद भी पिपरी कोतवाली के सीयूजी नंबर 9454403766 में फोन करने पर विपिन का नाम लिखा आता है। इसी तरह सैनी के इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह का नाम पश्चिमशरीरा और करारी कोतवाली के सीयूजी पर लिखा आता है। मंझनपुर कोतवाली के नंबर पर फोन करने में डी वी लिखकर आता है। जबकि यहां पर इंस्पेक्टर राकेश चौरसिया की तैनाती है। कमोवेश यहीं हाल जिले के ज्यादातर कोतवाली के सीयूजी नंबरों पर है। हैरानी की बात ये है कि पुलिस को ऑन लाइन काम करने के लिए ट्रेंड तक किया गया है। यूजर अगर चाहे तो अलाट नंबर अपने नाम पर कर सकता है। इसके बाद भी जिले के थानों की कमान संभालने वाले जिम्मेदार इस दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से आम आदमी को फोन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके मोबाइल पर ट्रू कॉलर की सुविधा है वह कोतवाली प्रभारी का गलत नाम देख चौक जाता है। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार का कहना है कि कोतवाली के नंबरों में इस तरह गलती होने की जानकारी नहीं है। अगर है, तो सम्बंधित कोतवाली प्रभारी को इसे सही करने के लिए कहा जाएगा।