Power workers boycott work in protest of privatization
- फोटो : KAUSHAMBI
निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
आमजन को करना पड़ा परेशानियों का सामना,कर्मचारियों की प्रमुख 11 हैं मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बिजली विभाग का निजीकरण किए जाने से नाराज दोआबा के विद्युत कर्मचारियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। उन्होंने कार्य बहिष्कार किया। मुख्यालय में बैठक करके आंदोलन की रणनीति तैयार की। कहा कि निजीकरण की खिलाफत अंतिम सांस तक की जाएगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष सौरभ मौर्य ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने बिजली का निजीकरण किए जाने का खाका तैयार कर लिया है। इसी दृष्टि से इलेक्ट्रिसिटी अधिनियम 2003 में संशोधन किया जा रहा है। उन्होंने एक्सईएन कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की निजीकरण नीति का विरोध होगा। बताया कि कर्मचारियों की मांग इलेक्ट्रिसिटी अधिनियम में किए गए संशोधनों को वापस लेने, श्रम कानून में किए जा रहे समस्त प्रतिगामी संशोधन वापस लेने, आगरा और नोएडा में किया गया निजीकरण रद्द करने, सरकारी क्षेत्र के बिजली उत्पादन गृहों का नवीनीकरण करने आदि की है। उधर बिजली कर्मचरियों के काम नहीं करने की वजह से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों का कोई भी विभागीय काम नहीं हो सका। लोग दफ्तरों के चक्कर लगाकर वापस लौट गए। जिले के कुछ इलाकों में विद्युत लाइन में आई खराबी भी ठीक नहीं हो सकी। बैठक में प्रमुख रूप से अंकित कुमार, धीरज यादव, प्रशांत कुमार, मुरलीधर, अविनाश अग्रहरि, विनम्र पटेल आदि मौजूद रहे।