सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की एक अनोखी तरकीब श्रीदुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा के छात्र राहुल ने खोजी है। राहुल ने एक ट्रैफिक सुरक्षा यंत्र बनाया है। यह यंत्र डिवाइस के रूप में पुलिस के डंडे में लगाया जाएगा। इसके बाद डंडा आधुनिक उपकरण के तौर पर काम करते हुए हादसों को रोकने का काम करेगा। यही नहीं, डंडे से जरूरत पर सायरन की आवाज निकलेगी और यातायात नियम तोड़ने वालों का यही डंडा ई-चालान भी करेगा।
ओसा स्थित श्रीदुर्गा देवी इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र राहुल ने ट्रैफिक सुरक्षा यंत्र विकसित किया है। इस यंत्र को पुलिस वालों के डंडे में ही छोटी-छोटी डिवाइस के रूप में लगाकर इसको उपकरण में बदला जा सकता है। इस यंत्र को लगाने के लिए अलग से कुछ व्यवस्था करने की जरूरत नहीं है।
डिवाइस लगते ही पुलिस का यह डंडा सड़क से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार का अनुमान लगाकर अपने आप उनको रोकने और चलने का सिग्नल देगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन ई-चालान भी कर देगा।
छात्र के मार्गदर्शक शिक्षक डॉ. रवींद्र सिंह का कहना है कि राहुल के यंत्र को बड़े पैमाने पर विकसित कर ट्रैफिक पुलिस को देने पर काम किया जा रहा है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान हो जाएगी। उन्होंने बताया कि चौराहों पर लगे यातायात उपकरण स्थिर हैं। जबकि डिवाइस लगा डंडा हर पुलिस वाले के पास होगा तो इसका प्रयोग कहीं और कैसे, किन्हीं भी परिस्थितियों में किया जा सकेगा।
कैसे करेगा काम
- राहुल के अनुसार उनका यंत्र पुलिस वालों के डंडे में लगाया जा सकता है। इसके बाद एक बटन दबाने के बाद यह सक्रिय हो जाएगा। इसके सक्रिय होने के बाद यह सामने से आने वाले वाहन को अपने कैमरे में रीड करेगा। इसकी रफ्तार अधिक हुई तो इसमें लाल बत्ती और सही रफ्तार पर हरी बत्ती जलेगी। पुलिस इसी के अनुसार वाहनों को रोक सकती है।
यदि इसके बाद भी कोई वाहन नहीं रुकता तो डिवाइस का कैमरा वाहन की नंबर प्लेट रीड करेगा और इंटरनेट की मदद से वाहन मालिक को मैसेज करने लगेगा। मैसेज के बाद भी वाहन चालक नहीं रुकता तो ऑनलाइन चालान कट जाएगा। इस डिवाइस में एक स्पीकर भी होगा जो सायरन की आवाज निकालेगा।
-वर्जन-
छात्र राहुल का ट्रैफिक सुरक्षा यंत्र अक्तूबर माह में हुई जिला विज्ञान प्रदर्शनी में सराहा गया था। अधिकारियों ने इसके बारे में बिंदुवार जानकारी ली और मॉडल का कारगर सोच का परिणाम बताया था। यंत्र मॉडल का चयन जिले से मंडलीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए किया गया है।- वसीम अहमद, सचिव, जिला विज्ञान क्लब, कौशाम्बी
ट्रैफिक सुरक्षा यंत्र का मॉडल।