मंझनपुर। मुख्यालय से महेवाघाट की दूसरी करीब 28 किमी है। लेकिन, इन दिनों यह सफर आसान नहीं है। मुख्यालय से महेवाघाट होते हुए राजापुर जाने के लिए लोगों के लिए सरकारी बस का सफर बेहतर है। निजी बस चालक तो सवारी कम होने पर इस ओर जाने के लिए कतराते हैं। वजह है हाईवे पर उड़ती धूल।
करीब एक साल से मंझनपुर के ओसा से महेवाघाट जाने वाले राम वन गमन मार्ग का निर्माण चल रहा है। हाईवे पर इतनी धूल उड़ती है कि यहां से होकर गुजरना लोगों के लिए कठिन हो रहा है। जो लोग एक बार इस सड़क से गुजर जाते हैं। वह दोबारा इस ओर आने की हिम्मत नहीं करता।
डीएम के निर्देश के बाद भी ठेका कंपनी धूल पर नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव नहीं करती। ऐसे में यात्री परेशान होते हैं। महेवाघाट से प्रतिदिन मुख्यालय आने वाले अधिवक्ता रमाशंकर त्रिपाठी बताते हैं कि इस सड़क से होकर आना इन दिनों कठिन है।
धूल इतनी ज्यादा उड़ती है कि पूरे रास्ते कुछ दिखता ही नहीं है। ऐसे में करीब 15 दिन से हिनौता से धाता होते हुए मंंझनपुर आते हैं। इससे करीब पांच किमी का अधिक सफर करना पड़ता है। वहीं सुरेंद्र कुमार बताते हैं कि वह एक होटल में काम करते हैं।
ऐसे में प्रतिदिन बैरागीपुर से मंझनपुर आना होता है। निजी बस तो इस रूट में कम सवारी का हवाला देकर नहीं जाती। केवल सरकारी बस ही सहारा है।
हाईवे निर्माण में लगी संस्था के ठेकेदार को धूल से बचाव के लिए समय-समय पर पानी के छिड़काव का निर्देश दिया गया है। यदि वह ऐसा नहीं करता तो उनपर सख्ती की जाएगी। - हरबंश सिंह, नोडल अधिकारी, हाईवे निर्माण