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गजब! होने वाली बीवी को भी लड़ा दिया चुनाव

Thu, 24 Sep 2015 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मैदान में दोआबा के सियासियों ने अपने परिवार के सदस्यों को बड़ी संख्या में उतारा है। मजेदार बात यह है कि नेता होने वाली बीवी तक को चुनाव लड़ा रहे हैं। कोई राजनीति सिखाने के लिए बेटे को चुनाव लड़ा रहा है, तो कोई जिपं की अधिक सीटों पर कब्जा जमाने के लिए घर के कई लोगों को चुनावी मैदान में उतारे हुए है। महिलाओं के आरक्षित सीट पर मजबूरी में सियासियों की बीवियां ताल ठोंक रही हैं। कुल मिलाकर सियासत उफान पर है और चुनाव दिन ब दिन दिलचस्प हो रहा है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का शंखनाद होते ही जिले की सियासत गरमा गई है। नेता पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं। मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई हथकंडा बाकी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस चुनाव की दिलचस्प बात यह है कि नेता अपनी होने वाली बीवी तक को चुनाव लड़ा रहे हैं। भाजपा नेता जितेन्द्र सोनकर ने खुद बताया कि वार्ड नम्बर 16 सीट पर वह अपनी होने वाली पत्नी कल्पना सोनकर को चुनाव लड़ा रहे हैं। दोनों लोग चुनाव के बाद ही शादी करेंगे। जितेन्द्र ने अपनी बहन अर्चना को 14 नम्बर सीट से मैदान में उतारा है। पंचायत चुनाव में सियासी लाडलों को भी सियासत सिखाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

जिला पंचायत के वार्ड 18 सीट पर सपा जिला उपाध्यक्ष आबिद मंजूर अपने बेटे यासिर मंजूर को चुनाव लड़ा रहे हैं। इसी तरह वार्ड नम्बर 15 सीट पर जिले के वरिष्ठ नेता भानू कुशवाहा के पुत्र सुमित मौर्य चुनाव लड़ रहे हैं। लाडलों को चुनाव जिताने का पिता की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसी तरह बसपा नेता आशीष मौर्य की मानें तो वह खुद और अपनी पत्नी के साथ परिवार के किसी एक सदस्य को भी चुनाव लड़ाएंगे। उन्होंने अभी सीट के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहने से इंकार किया है। सपा नेता शशिभूषण द्विवेदी उर्फ बालम महाराज के प्रभाव वाली जिला पंचायत की 25 नम्बर सीट इस बार पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गई है। इस सीट पर सपा नेता हरिमोहन यादव की पत्नी सुनीता यादव को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा भी जिले में तमाम ऐसी सीटें हैं जिनमें सियासियों ने अपने परिवार के लोगों को मैदान में उतारा है। कई सीटों पर आरक्षण की वजह से नेताओं की पत्नियां चुनाव लड़ रही हैं।
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