एसडीएम सदर की अगुवाई ने संयुक्त टीम ने बीते 24 घंटे के भीतर गिट्टी-बालू से ओवरलोड 21 ट्रक-डंपर पकड़ कर सीज कर दिए। सभी खनिज वाहनों को नवीन मंडी ओसा भेज दिया गया। इनको नगर कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से ओवरलोड खनिज वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
कौशाम्बी जनपद में तकरीबन आधा दर्जन घाटों से यमुना बालू की वैध निकासी होती है, लेकिन इस बार जिले के यमुना घाटों से हल्की मोरंग निकल रही है। जबकि पड़ोसी जनपद चित्रकूट के यमुना घाटों से निकलने वाली मोरंग मोटी है। साथ ही कीमत भी यहां से कम है। लिहाजा चित्रकूट जनपद से निकलने वाली मोरंग की डिमांड ज्यादा है।
ट्रांसपोर्टर महेवाघाट कोतवाली पुलिस से मिलीभगत कर रोजाना मोरंग-गिट्टी से ओवरलोड सैकड़ों ट्रक-डंपर कौशाम्बी के रास्ते परिवहन करते हैं। इसका असर कौशाम्बी के बालू कारोबार पर पड़ रहा है। इसकी जानकारी डीएम सुजीत कुमार को हुई। इस पर उन्होंने एसडीएम सदर प्रखर उत्तम की अगुवाई में खान अधिकारी आरपी सिंह व एआरटीओ तारकेश्वर मल्ल की संयुक्त टीम को औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में एआटीओ ने सोमवार की रात महेवाघाट क्षेत्र से गिट्टी-बालू से ओवरलोड दस ट्रक-डंपर पकड़ कर सीज कर दिए।
वहीं मंगलवार की सुबह एसडीएम सदर और खान अधिकारी ने मंझनपुर क्षेत्र के ओसा-समदा मार्ग से 11 ओवरलोड वाहनों को पकड़ लिया। सभी खनिज वाहनों को सीज कर संबंधित कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
परिवहन विभाग में चल रहा टोकन का खेल
जनपद के रास्ते खनिज वाहनों की ओवरलोडिंग के खेल में पुलिस के साथ ही परिवहन विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। रोजाना कौशाम्बी जनपद के रास्ते चित्रकूट से तकरीबन 500 गिट्टी-बालू से ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद परिवहन विभाग के अफसरों की नजर नहीं पड़ती है। सूत्रों का कहना है कि परिवहन विभाग में ओवरलोड खनिज वाहनों की इंट्री चलती है। यही वजह है कि अफसर इन पर शिकंजा नहीं कसते हैं। आला अफसरों का दबाव पड़ने पर इंट्री नहीं कराने वाले वाहनों को पकड़ कर कार्रवाई कर दी जाती है।
ट्रक-डंपर छोड़कर भागे चालक
मंगलवार की सुबह खनिज वाहनों की चेकिंग के लिए एसडीएम सदर के निकलने की भनक लगते ही हड़कंप मच गया। अफसर की गाड़ी देख अधिकतर चालक सड़क पर ओवरलोड खनिज वाहन छोड़कर भाग गए। बाद में ताला तोड़कर खनिज वाहनों को किसी तरह से नवीन मंडी ओसा पहुंचाया गया।
खनिज वाहनों की ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए एसडीएम की अगुवाई में टीम सक्रिय कर दी गई है। टीम रोजाना औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेगी। ओवरलोड करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुजीत कुमार-डीएम