चायल (ब्यूरो)। नेवादा ब्लाक के कुंडारी गांव के समीप रविवार की रात नहर ओवरफ्लो होने से सैकड़ों बीघा फसल डूब गई है। आलू, गेहूं के खेतों को तालाब बना देख सुबह गांववालों के होश उड़ गए। आरोप है कि नहर की सिल्ट सफाई ठीक से नहीं करने से ऐसा हुआ है। फसल सड़कर बर्बाद होने की आशंका से किसानों में जबरदस्त गुस्सा है।
नेवादा ब्लाक के कुंडारी गांव के समीप से छोटी नहर निकली है। रविवार की रात अचानक इस नहर में पानी छोड़ा गया था। इससे नहर ओवर फ्लो हो गई। कुंडारी गांव के रहने वाले हेमंत कुमार, महेंद्र नारायण, धर्मेंद्र कुमार, सत्य नारायण, शंकरलाल, संतोष कुमार, राम सुरेश, हीरालाल आदि किसानों के सैकड़ों बीघा आलू, गेहूं, सरसों आदि के खेत जलमग्न हो गए। सुबह खेतों में घुटनों तक पानी देख किसानों के होश उड़ गए। किसानों का कहना है कि खेत में इतना अधिक पानी भर गया है कि इसका कम से कम आठ दिन सूखना मुश्किल है।
ऐसे में गेहूं समेत सारी फसल सड़कर बर्बाद हो जाएगी। लोगों का आरोप है कि नहर विभाग के अफसरों ने सिल्ट सफाई कराने में मनमानी की है। पूरी तरह से सिल्ट निकलवाए बगैर नहर में पानी छोड़े जाने के कारण ही यह ओवरफ्लो हुई है। इसे लेकर किसानों में जबरदस्त गुस्सा है। बता दें कि अभी शुक्रवार की रात भी सेवढ़ा गांव के समीप नहर कटान के कारण सैकड़ों बीघा फसल के साथ ही दर्जनों घरों में भी नहर का पानी घुस गया था। किसानों का आरोप है कि जानकारी देने के बाद भी अब तक किसानों की मदद का कोई प्रयास अधिकारियों ने नहीं किया है। वहीं मामले में नहर विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव रंजन श्रीवास्तव ने उन्हें इसकी किसी ने सूचना नहीं दी है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।