घर में कपड़े की सिलाई करती दिव्यांग गुड़िया देवी। संवाद
ब्लाॅक के नगियामई गांव की एक पैर से दिव्यांग गुड़िया देवी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़कर सिलाई का काम शुरू किया है। वह खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य बेरोजगार व अशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनने की सीख दे रही हैं।
नगिया मई गांव की कक्षा पांचवी तक पढ़ी गुड़िया देवी बाएं पैर से दिव्यांग है। एक पैर खराब होने के बाद पति राजकुमार कपड़े की सिलाई कर परिवार चलते हैं। पांच साल पहले कोरोना काल में काम बंद होने के बाद परिवार में आर्थिक संकट खड़ा हो गया, जिसके बाद गुड़िया देवी आर्ची महिला स्वयं सहायता समूह में शामिल हुईं।
समूह से जुड़ने के बाद आर्थिक मदद मिलने पर गुड़िया ने सिलाई मशीन खरीद कर पति के साथ कपड़े सिलाई का काम शुरू किया। रोजगार रफ्तार पकड़ने लगा तो समूह व अन्य बेरोजगार महिलाओं को काम में शामिल कर लिया। ऐसे में शांति देवी, कल्पना,सुशीला, लालती देवी आदि के साथ सिलाई बुनाई के काम में लगकर आर्थिक स्थिति बेहतर कर रही है।
नगिया मई गांव की आर्ची महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य गुड़िया देवी पैर से दिव्यांग होने के बाद भी कपड़े की सिलाई कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के प्रति प्रेरणा दे रही हैं। गुड़िया को परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म सिलाई का काम दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसबी सिराथू