जिस बूढ़े बाप ने ऑटो रिक्शा चलाकर बड़े बेटे को सऊदी कमाने के लिए भेजा, वह आज उसके शव तक को देखने के लिए तरस रहे हैं। पांच दिन पहले फोन पर जवान बेटे की मौत हो जाने की खबर ने घर में कोहराम मच गया है। परिवार के लोग दो महीने बाद उसके वतन वापसी पर शादी कराने की की तैयारी में थे। बृहस्पतिवार को पीड़ित पिता ने कड़ाधाम कोतवाली के इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्या से पहने बेटे के जनाजे को मंगाने की मांग की।
कड़ाधाम कोतवाली के गिरधरपुर गढ़ी निवासी मो. हबीब ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर की आर्थिक स्थित बेहद खराब है। इस वजह से तीन साल पहले हबीब के बड़े बेटे लतीफ ने सऊदी जाकर कमाने की इच्छा जाहिर की।
दो बेटे व चार बेटियों के पिता हबीब ने बेटे की इच्छा का सम्मान करते हुए कर्ज लेकर उसे विदेश भेज दिया। पांच दिन पहले लतीफ के साथ काम करने वाले इलाके के लोगों ने फोन करके परिवार के लोगों को बताया कि उसका शव कमरे में मिला है। लतीफ की मौत कैसे हुई, इस बारे वह लोग कुछ नहीं बता सके।
यह भी बताया कि वह लोग शव देखने के लिए गए लेकिन सऊदी पुलिस ने उन्हें चेहरा तक देखने को नहीं दिया। घटना की जानकारी होने के बाद हबीब के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। बृहस्पतिवार को हबीब ने कड़ाधाम कोतवाली के इंस्पेक्टर चंद्रभूषण मौर्य को प्रार्थना पत्र देकर अपने बेटे का शव मंगाए जाने की मांग की है।
बताया कि लतीफ को दो महीने बाद घर लौटना था। परिवार में उसकी शादी कराने की तैयारी चल रही थी। अचानक मौत की खबर ने पूरे परिवार का हाल बेहाल कर रखा है। इंस्पेक्टर ने पीड़ित को जिलाधिकारी से मदद मांगने को कहा। यह भी आश्वासन दिया कि वह अपने स्तर पर भी शव मंगवाने के लिए प्रयास करेंगे।