मंझनपुर। विपक्षी सदस्यों के बहिष्कार के बीच सोमवार को जिला पंचायत की बैठक में दस सदस्य ही मौजूद रहे। कई विभागों के अफसर भी गैरहाजिर रहे।
जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में अध्यक्ष कल्पना सोनकर की अध्यक्षता में तय समय से घंटे भर विलंब से सदन की बैठक शुरू हुई। 26 सदस्यीय सदन में अध्यक्ष के साथ तूफान सिंह, शेरू, मुंशब अली, यासीर मंजूर, अरसी जाफरी, साधना सिंह, पूनम मौर्या किरन सिंह और सहाना बानो सदस्य ही आए।
बैठक शुरू होते ही सदस्य यासिर मंजूर, तूफान सिंह और मुंशब अली ने बदहाल विद्युत आपूर्ति और हर घर नल जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। जवाब देने के लिए संबंधित विभागों के अफसर बैठक से अनुपस्थित रहे। इसे लेकर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
बैठक एजेंडा के अनुसार सदस्यों द्वारा पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। जनपद स्तरीय अधिकारियों से उनके विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। पंचम राज्य वित्त व 15वें वित्त आयोग योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में प्राप्त होने वाली तथा उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष अनुपूरक कार्ययोजना को स्वीकृति दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को गढ्ढामुक्त किए जाने का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
अंत में अध्यक्ष द्वारा चन्द्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग पर इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। बैठक में डीडीओ विजय कुमार, ब्लाॅक प्रमुख अनुज सिंह, सरला राय, अमर सिंह, केलपति के अलावा अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, एएमए कमलेश सिंह, इंजीनियर शशिकांत यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी भी रहा सदन में
मंझनपुर। मिनी सदन की बैठक में सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी जिला पंचायत सदस्य शेरू भी मौजूद रहे। शेरू पर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल करने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। गैंगरेप के आरोपी की बैठक में मौजूदगी को लेकर सियासी गलियारे में दिनभर चर्चा रही।
तटस्थ की भूमिका में अजय और मीनू
अजय सोनी और मीनू साहू समेत दो सदस्य ऐसे रहे, जो तटस्थ की भूमिका में दिखे। ये दोनों सदस्य न तो सदन की बैठक में आए और न ही विपक्ष के साथ कमिश्नर से मिलने गए।