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Kaushambi News: सांविधानिक अधिकार नहीं तो हमारा इस्तीफा मानें

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मंझनपुर। जिला पंचायत की सियासत में एक बार फिर उबाल आया है। अध्यक्ष का विरोध कर रहे 14 सदस्यों ने सोमवार को कमिश्नर विजय विश्वास पंत से मिलकर सदन में सांविधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कहा- जांच करा ली जाए। यदि सांविधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं हो सकती तो हमारा इस्तीफा समझें। कमिश्नर ने डीएम को जांच सौंपी है।
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पिछले दो महीने से जिला पंचायत की सियासत गर्म है। अध्यक्ष कल्पना सोनकर के खिलाफ 20 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने को कहा। डीएम डीएम सुजीत कुमार 19 अगस्त को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय कर दी। 15 से 18 अगस्त तक विपक्षी सदस्यों पर हुई कार्रवाई से तापमान चढ़ गया। लेकिन 19 को अविश्वास प्रस्ताव गिरने से मामला नरम पड़ गया।

इधर, हफ्ते भर से राजनीति ने फिर जोर पकड़ा, जब विरोधियों सामूहिक इस्तीफे की योजना उजागर कर दी। रविवार को अध्यक्ष ने टिफिन बैठक बुलाई। कोई नहीं पहुंचा। सोमवार को सदन की बैठक का विपक्षियों ने बहिष्कार कर कमिश्नर से मुलाकात की।
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कमिश्नर से मिलने वाले सदस्य
सीमा देवी, सुनीता निषाद, सोनी चौधरी, सायमा, अर्चना देवी, सुनीता देवी, विजमा देवी, कमला देवी, गया प्रसाद, नरेंद्र कुमार, अरुण कुमार चौधरी, नीरज द्विवेदी, रामनरेश, स्वराज प्रकाश।


कौशाम्बी जिला पंचायत के 14 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल मिलने आया था। सदस्यों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा है। डीएम कौशाम्बी को आरोपों की जांच करने का निर्देश दे दिया गया है। - विजय विश्वास पंत, कमिश्नर,प्रयागराज



सदस्यों को जनता ने बड़ी आशा और विश्वास के साथ चुना है। इस तरह से मिनी सदन की बैठक से दूर भागना लोकतंत्र का अपमान है। कोई समस्या है तो बैठक में भाग लेकर सदस्यों को सदन में अपनी बात रखनी चाहिए।
कल्पना सोनकर-अध्यक्ष जिला पंचायत



कमिश्नर ने हमारे मांग पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। पखवाड़े भर तक हम लोग कार्रवाई का इंतजार करेंगे। इसके बाद पुन: सभी सदस्य बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।-सीमा देवी, सदस्य जिला पंचायत (विपक्ष की अगुवा)
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