बीएसए ने गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान व कबाड़ी का बयान लिया। बीएसए ने जब प्रधान से किताबों को अपने कब्जे में लेने के लिए मांगा तो उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। प्रधान का कहना है कि वह किताबों को डीएम के सामने रखेंगे। इस बाबत प्रधानाध्यापक ने कहा कि रविवार का दिन होने के चलते वह स्कूल में नहीं हैं। स्कूल में बच्चों से वापस ली गईं पिछले सत्र की किताबें रखी थीं, संभवत: रसोइया ने वह किताबें ही बेची होंगी।
स्कूल की किताबों को कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीन-चार दिन पहले सफाई के दौरान पुराने सत्र 2021-2022 की इन किताबों को प्रधानाध्यापक ने रसोइया से हटाने के लिए कहा था। किताबें कबाड़ी को क्यों बेची गईं, एबीएसए को इसकी विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रकाश सिंह, बीएसए