सदर कोतवाली के ऊनो गांव में 2013 में हुए चर्चित हत्याकांड को लेकर न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-तीन शरीन जैदी ने आरोपी नीरज को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 35,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पांच आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी राजन मिश्रा निवासी ऊनो ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका छोटा भाई नंदू प्रतिदिन की तहर चार अक्तूबर 2013 की सुबह पांच बजे दौड़ लगाने गए थे। नहर की पटरी के पास बरम बाबा देव स्थल के सामने गांव के ही नीरज, मनीष, सोनू, विनोद, सुरेश व फूटेश अचानक आए और नंदू पर गोली चला दी।
गोली लगने से नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल चौधरी ने नौ गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने नीरज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 35 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं, अन्य पांच अभियुक्त मनीष, सोनू, विनोद, सुरेश व फूटेश को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।