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चार सौ करोड़ बकाया विद्युत बिल वसूलने में जुटे अफसर

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officers ready to collect 400 crores dues elcetrictiy bill - फोटो : KAUSHAMBI
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मंझनपुर। बिजली के निजीकरण को लेकर जनवरी तक टाले गए सशर्त फैसले के बाद जिलेभर के अफसरों ने टीम बनाकर बिल वसूली का काम शुरू कर दिया है। शनिवार को जिले के 10 विद्युत उपकेंद्रों में बिजली विभाग के अफसरों ने मौजूद रहकर लोगों का बिल संशोधन किया। संशोधन के बाद तमाम उपभोक्ताओं ने अपना बिल भी जमा किया है। विभाग का यह प्रयोग फिलहाल काफी हद तक कारगर साबित हो रहा है।
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प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का फैसला लिया था। इसके विरोध में बिजली कर्मचारी एक सितंबर से हड़ताल पर थे। पांच व छह अक्तूबर को निजीकरण के विरोध में आपूर्ति बाधित कर दी गई। इस पर सरकार ने संगठन के लोगों के साथ वार्ता की।
समीक्षा के दौरान पता चला कि बिजली की खपत के सापेक्ष राजस्व काफी कम आ रहा है। इसे लेकर सरकार ने जनवरी तक राजस्व बढ़ाने की शर्त रखी। राजस्व में सुधार होने के बाद ही अग्रिम फैसले पर विचार होने की बात कही गई। इसके बाद अब जिले में बकाया करीब चार सौ करोड़ रुपये की वसूली के लिए अफसरों ने अभियान छेड़ दिया है। जिलेभर के दस उपकेंद्रों में मेगा कैंप लगाकर उपभोक्ताओं का बिल सुधार, संशोधन व अन्य समस्याओं का निष्तारण किया गया। मनौरी व चरवा उपकेंद्र में खुद अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे। शाम तक करीब 15 लाख रुपया सरकारी खजाने में जमा कराया गया है।
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एसी की फटकार के बाद लगा कैंप
मंझनपुर। स्थानीय उपकेंद्र में उपभोक्ताओं की समस्या सुनने के लिए एसडीओ धीरज यादव व जेई विनम्र पटेल को लगाया गया था। यह दोनों जिम्मेदार 11 बजे तक पावर हाउस नहीं पहुंचे। एक कर्मचारी था, वह भी उपकेंद्र में ताला लगाकर बाहर बैठा था। इस दौरान वहां पहुंचे चार उपभोक्ताओं को तन्ना उपकेंद्र जाने को कहा गया। जबकि वहां पर कैंप नहीं था। इसकी जानकारी किसी ने फोन पर अधीक्षण अभियंता को दी। अधीक्षण अभियंता की फटकार के बाद तत्काल जिम्मेदार मौके पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनने लगे।
बिल में रहीं खामियां, तो कैसे जमा हो राजस्व
मंझनपुर। जिले में शनिवार को लगाए गए कैंप में ज्यादातर लोगों के बिजली बिल में गड़बड़ी मिली। मंझनपुर की रहने वाली उपभोक्ता रबीना बेगम के 56 माह के बिल को दो लाख 90 हजार बताया जा रहा था। जबकि चेक मीटर व सीलिंग के बाद उसका बिल करीब एक लाख 30 हजार का बना। इसी तरह अन्य उपकेंद्रों में भी ऐसी ही समस्या सामने आई। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल सुधार करवाने के लिए अफसरों का चक्कर लगाना पड़ता है। अफसर जानबूझकर इस मामले में दिलचस्पी नहीं दिखाते।
आज इन उपकेंद्रों में लगेगा कैंप
मंझनपुर। रविवार को भी जिले के करारी, पश्चिमशरीरा, अजुहा, कोखराज, घटमापुर, महगांव, मूरतगंज, सरायअकिल, तिल्हापुर मोडं और गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र में मेगा कैंप का आयोजन किया गया है। कैंप सुबह नौ बजे से पांच बजे तक चलेगा। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं को बिल संबंधी किसी तरह की दिक्कत है तो वह कैंप में जाकर अपना बिल सुधार करा सकते हैं।
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