केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता समाप्त होने के बाद विपक्ष द्वारा सदन का बहिष्कार किए जाने पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र को खतरा बताने वाले खुद व अपने परिवार पर मंडराए खतरे से भयभीत हैं।
उन्होंने कहा कि दम है तो देश के भीतर वे आलोचना करके दिखाएं। शाह ने चुनौती दी कि जगह वह तय कर लें, भाजपाई उनसे दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।
शुक्रवार को कड़ा के फसहिया मैदान पर कौशाम्बी महोत्सव का शुभारंभ करने आए गृहमंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 612.94 करोड़ की लागत वाली 116 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस मौके पर आयोजित सभा में गृहमंत्री ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि किसी सांसद या विधायक को सजा होती है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है।
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट का है। राहुल की सदस्यता समाप्त होने के बाद विपक्ष ने काला कपड़ा पहनकर सदन नहीं चलने दिया। इतिहास गवाह है कि ऐसा अब तक कभी नहीं हुआ।
विपक्ष का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण
शाह ने कहा कि कोर्ट के फैसले के हिसाब से अब तक 17 सांसदों व विधायकों की सदस्यता समाप्त हो चुकी है। लेकिन राहुल की सदस्यता समाप्त होने के बाद ऐसा विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि अगर कुछ गलत था तो अदालत जाते लेकिन सदन में बाधा पहुंचाना गलत है। उन्होंने सपा-बसपा पर भी जमकर निशाना साधा। कहा कि अब तुष्टीकरण की राजनीति का दौर समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भ्रम को तोड़ा है। जनता से सवाल किया कि कश्मीर से आतंकवाद समाप्त होना और धारा 370 हटाने का फैसला गलत था या सही? इस पर मौजूद भीड़ ने हां में जवाब दिया। गृहमंत्री ने सभा में मिशन 2024 की जीत का संकल्प भी दिलाया।
इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सांसद विनोद सोनकर, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित राज्य सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।