ब्लॉक क्षेत्र के लोधौर में चलने वाली जगमोहन की निशुल्क कोचिंग के रास्ते नौ और गरीब बच्चों ने नवोदय विद्यालय का रास्ता पकड़ लिया है। नवोदय की प्रवेश परीक्षा पास करने पर गांव की कोचिंग में इनका सम्मान किया गया।
पैसों के अभाव में शिक्षा के बिना अनाथ या गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य खराब न हो, इसलिए लोधौर निवासी जगमोहन सिंह पिछले 16 साल से गांव में निशुल्क कोचिंग चला रहे हैं। आसपास के कई गांवों के बच्चे उनके यहां पढ़ने आते हैं। इस वक्त भी उनकी कोचिंग में 55 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
इनमें से 18 बच्चों ने शिक्षण सत्र 2023-24 में नवोदय विद्यालय में दाखिले के लिए फॉर्म भरा था, जिसमें नौ बच्चे प्रवेश परीक्षा में पास हो गए हैं। इनमें नमन सिंह, अमन पाल, आनंद पाल, अमित कुमार, पुष्पराज, मोहिनी यादव, मोनी यादव, जितेंद्र कुमार, प्रियांशु सिंह शामिल हैं। परिणाम आने के बाद शिक्षक ने बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
अपनों की परेशानी देख उठाया बीड़ा
मंझनपुर। गांव के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक जगमोहन बताते हैं कि उनकी बहन नीता की शादी गांव के ही श्याम सिंह से हुई थी। बीमारी के चलते बहनोई की 16 साल पहले मृत्यु हो गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण भांजे रोहित व भांजी रिंकी की पढ़ाई प्रभावित होने लगी। यहीं से उन्हें निशुल्क कोचिंग चलाने की सीख मिली। अपने भांजे और भांजी के साथ अन्य गरीबों और अनाथ बच्चों को पढ़ाने लगे। कोचिंग में मध्यम वर्ग के बच्चे भी पढ़ते हैं, जिनसे फीस ली जाती है।