दो दिन पहले 20 मिनट की बूंदाबांदी के साथ दोआबा में दस्तक देने के बाद मानसून बेअसर हो गया। नतीजतन फिर से गर्मी बढ़ गई। बृहस्पतिवार को भी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। आसमान पर बादल तो छाए रहे, लेकिन पछुआ हवाओं ने उन्हें टिकने नहीं दिया। एक-दो दिन में झमाझम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद ही गर्मी से राहत मिलेगी।
सोमवार तक अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम 29 डिग्री तक अटका हुआ था। मंगलवार की रात 20 मिनट लगातार बूंदाबांदी हुई तो उस वक्त गर्मी से राहत मिल गई। दूसरे दिन भी हल्की बूंदाबांदी से मौसम ठंडा रहा, लेकिन बृहस्पतिवार को उमस ने हर किसी को बेहाल कर दिया। दोपहर 12 बजे तक आसमान पर बादल छाए रहे। उम्मीद थी कि शायद बारिश हो जाए, लेकिन इसके बाद तेज धूप हो गई।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ.अजय सिंह का कहते हैं कि इस बार मानसून पहले से ही 15 दिन देरी से आया है। जून के पहले सप्ताह में ही बारिश शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन 21 मई को मानसून ने दस्तक दी। पछुआ हवाओं के चलते इसका असर कमजोर पड़ गया है। आसमान पर छाने वाले बादलों को यह हवाएं उड़ा ले जाती हैं।
उमस भरी गर्मी बारिश के माहौल का इसारा कर रहीं हैं। अभी लगातार बारिश के आसार नहीं हैं। फिर भी एक-दो दिन के अंदर झमाझम बरसात के आसार हैं। जब तक दो से तीन घंटे लगातार बारिश नहीं होगी, तब तक गर्मी से राहत मिलने वाली नहीं है।