कटैया घाट में बालू खनन की जांच करती एनजीटी टीम।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तीन सदस्यीय टीम ने जिले में डेरा डाल दिया है। तीन दिवसीय दौरे पर आई टीम ने पहले दिन सोमवार को चायल क्षेत्र के कटैया में संचालित दोनों बालू घाटों का निरीक्षण किया। मंगलवार को टीम पभोषा और महेवाघाट में चल रहे बालू खनन का निरीक्षण कर सकती है। जिले में टीम की मौजूदगी से बालू कारोबारियों में खलबली है।
जिले में इस वक्त चार स्थानों पर अधिकृत रूप से यमुना बालू का खनन चल रहा है। इसके अलावा भी कुछ स्थानों पर अवैध बालू खनन किया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण को शिकायत मिली कि कारोबारी एनजीटी के नियमों को दरकिनार कर पानी के अंदर से बालू का अवैध खनन करा रहे हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को कौशाम्बी आई। खान अधिकारी अजीत कुमार पांडेय ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी की अगुवाई में एनजीटी की टीम जिले के तीन दिवसीय दौरे पर आई है। टीम ने पहले दिन कटैया यमुना घाट के दोनों खंडों पर चल रहे बालू खनन की जांच की।
टीम ने सीमा क्षेत्र में पिलर लगे हैं अथवा नहीं, कांटा की क्या स्थिति है, नदी तल से कितनी गहराई में खनन किया गया है, अब तक कितने क्षेत्रफल में बालू खनन हुआ आदि बिंदुओं की बारीकी से जांच की। इस दौरान तहसीलदार चायल व खनन निरीक्षक शत्रुघन सिंह भी मौजूद रहे।