फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्नत की आरजू है तो उल्फत नबी से कर...

Thu, 23 Apr 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन
कस्बे में स्थित मदरसा दारूल उलूम गौसिया हबीबिया में मंगलवार की रात सुल्तानुल हिन्द कांफ्रेस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत तिलावते कुरआन से हुई। इसके बाद कानपुर से आए मौलाना मोहम्मद हनीफ बरकाती ने तकरीर में नेक-नीयती की राह पर चलने का मशविरा दिया। कहाकि आपस में दुश्मनी रखना सबसे बड़ा गुनाह है। उन्होंने दुश्मनी को भुलाने की सीख दी। कहाकि भाईचारे के साथ जिंदगी बसर करना सबसे बड़ी इबादत है। उन्होंने गरीबों, कमजोरों की मदद, उनकी इज्जत करने का आह्वान लोगों से किया।
विज्ञापन


साथ ही बच्चों को अच्छी से अच्छी तालीम दिलाकर उन्हें नेकदिल इंसान बनाने को कहा। साथ ही उन्होंने पढ़ा कि जन्नत की आरजू है तो उल्फत नबी से कर, कौसर व और खुल्द पर कब्जा उन्हीं का है। मौलाना मोहम्मद कासिम हबीबी बरकाती ने सुनाया कि सुए शहरे मदीना जिस दिन भी दिवाना जाएगा, हाल की दिले बेताब यकीनन न देखा जाएगा। इसके बाद मौलाना अकबर एहसानी, हाफिज तंजील अहमद बरकाती ने नात-ए-पाक पेश किया। शायर आगाज बलरामपुरी, कलीम दानिश आदि शायरों ने भी कलाम पेश कर लोगों की वाहवाही लूटी। शायरों का कलमा सुनकर रात भर महफिल झूमती रही। कार्यक्रम का खात्मा सलाम पढ़कर किया गया। इस मौके पर शहरे काजी मौलाना अहमद हबीब हबीबी, हाफिज शरीफ अहमद, कारी अफजाल अहमद, हाफिज अफसार अहमद, मोहम्मद शमीम, कारी मोहम्मद जाकिर, सैयद स्वाले, सैयद मोहम्मद मियां, आले हसन, अब्दुल वहीद, मोहम्मद कौसर बरकाती, शमीम अहमद बरकाती, मोहम्मद इब्राहीम, कल्लू अंसारी, मोहम्मद हबीब अंसारी, मोहम्मद मिकाइल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें